Aarogya Setu App : एथिकल हैकर ने 9 करोड़ यूजर की प्राइवेसी को खतरा बताया, सरकार का दवा : निजी डाटा सुरक्षित , हम हैकर से बात कर चुके।
- फ्रांस के एथिकल हैकर ने आरोग्य सेतु टीम से बात करने के लिए कहा था।
- चर्चा के बाद टीम ने कहा- चिंता की बात नहीं, हम लगातार सिस्टम अपग्रेड कर रहे है।
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| Aarogya Setu App : एथिकल हैकर ने 9 करोड़ यूजर की प्राइवेसी को खतरा बताया। |
आरोग्य सेतु ऐप , जिसे की सरकार ने लॉकडाउन के समय कोरोना वायरस से सतर्क और कोरोना से संबंधित जानकारी के लिए बनाया था, उसमें डेटा सेफ्टी की चिंताओं के बीच सरकार ने बुधवार को सफाई जारी की। आरोग्य सेतु टीम ने कहा है कि किसी यूजर की निजी जानकारियां लीक होने का खतरा नहीं है। हम लगातार सिस्टम को अपग्रेड और टेस्टिंग कर रहे हैं। सरकार को यह सफाई इसलिए देनी पड़ी क्योंकि, फ्रांस के एक एथिकल हैकर ने ट्विटर के जरिए सरकार को चैलेंज किया था। सरकार ने कहा है कि हम हैकर से बात कर चुके, चिंता करने की जरूरत नहीं है।
एथिकल हैकर ने क्या कहा था?
सरकार ने क्या कहा?
इश्यू : ऐप कुछ मौकों पर यूजर की लोकेशन फेच करता है।
जवाब: ऐप का डिजाइन ऐसा ही है। इस बारे में प्राइवेसी पॉलिसी में डिटेल बताई गई है। सभी के फायदे के लिए इसे यूज किया जा रहा है। यूजर की लोकेशन सर्वर पर एनक्रिप्टेड और सुरक्षित तरीके से स्टोर की जाती है।
इश्यू: यूजर अपना रेडियस और लैटीट्यूड-लॉन्गिट्यूड बदलकर होम स्क्रीन पर कोरोना के आंकड़े देख सकता है।
जवाब: रेडियस के पैरामीटर फिक्स हैं। 500 मीटर, एक किलोमीटर, दो किलोमीटर, पांच किलोमीटर और 10 किलोमीटर के स्टैंडर्ड पैरामीटर हैं। यूजर एक से ज्यादा लोकेशन के डेटा देखने के लिए लैटीट्यूड लॉन्जिट्यूड बदल सकता है। सभी लोकेशन के लिए ये जानकारियां सार्वजनिक हैं। इससे किसी की निजी या संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पर असर नहीं पड़ता।


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